सत्ता की कुर्सी पर बैठा हर चेहरा सुरक्षित नहीं है… उत्तर प्रदेश में ‘कुर्सी का खेल’ फिर से शुरू हो चुका है। और इस बार चालें इतनी खामोश हैं कि शोर बाद में सुनाई देगा। दिल्ली से लखनऊ तक बैठकों का दौर…नामों की लिस्ट तैयार… और चेहरे अभी भी suspense में। सवाल ये नहीं कि विस्तार होगा… सवाल ये है कि किसकी एंट्री और किसकी एग्जिट? दिल्ली दरबार का संकेत: फैसला करीब? लखनऊ से लेकर नई दिल्ली तक बैठकों की गर्मी बढ़ चुकी है। योगी आदित्यनाथ के संभावित कैबिनेट विस्तार को…
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मार्च या ट्रैफिक महाभारत? लखनऊ की सड़कों पर ‘जाम का चक्रव्यूह’
सड़कें रुकीं… शहर थमा… और सिस्टम बेनकाब हो गया। लखनऊ आज एक रैली नहीं, बल्कि अव्यवस्था की लाइव स्क्रीनिंग बन गया। क्या ये महिला अधिकारों की लड़ाई थी… या आम जनता की परीक्षा? एक तरफ नारे गूंज रहे थे…दूसरी तरफ गाड़ियों में बैठे लोग पसीने और गुस्से में उबल रहे थे। और सबसे दर्दनाक—जिंदगी बचाने वाली एम्बुलेंस भी इस ‘जाम’ में कैद थी। पीक आवर्स में पॉलिटिक्स: शहर बना शिकार लखनऊ की सड़कों पर आज भीड़ नहीं, chaos बह रहा था। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निकले महिला मार्च ने ट्रैफिक…
Read MoreSKY की खामोशी ने बढ़ाई टेंशन- मिस्टर 360 चुप, क्रिकेट थोड़ा बेचैन
मुंबई जीती… लेकिन जश्न में एक खामोशी छुपी थी। स्टेडियम में चौके-छक्कों की बारिश हुई, पर एक बल्ला फिर भी सूखा रह गया। क्या ये सिर्फ खराब दिन है… या एक बड़े पतन की शुरुआत? 99 रन की जीत ने स्कोरबोर्ड चमका दिया…पर ड्रेसिंग रूम में एक नाम ऐसा था, जिस पर सवाल और गहरे हो गए। क्योंकि जब “मिस्टर 360” चुप हो जाए, तो क्रिकेट भी थोड़ा बेचैन हो जाता है। तिलक का तूफान, मैच का रुख बदल गया मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस को 99 रनों से हराकर मैच…
Read Moreफडणवीस vs राऊत—कानून पास, फिर भी क्यों सुलग रहा है महिला आरक्षण?
कानून पास हो चुका… फिर भी सड़कों पर जंग क्यों जारी है? मुंबई में एक सभा, और पूरा महाराष्ट्र सियासी बहस के भंवर में खिंच गया। क्या ये महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई है… या चुनावी कहानी का नया अध्याय? वर्ली में माइक उठा, तो दिल्ली की बहस भी फिर जिंदा हो गई। एक तरफ सत्ता की चुनौती, दूसरी तरफ विपक्ष का फैक्ट-बॉम्ब। और बीच में खड़ा मतदाता—जिसे समझ नहीं आ रहा कि सच कौन बेच रहा है। वर्ली की सभा: सियासत का लॉन्चपैड वर्ली में महायुति की रैली सिर्फ…
Read MoreSamrat Chaudhary ने Vijay Sinha की सख्ती पर ब्रेक लगाया
जहां कल तक ‘जीरो टॉलरेंस’ का डंडा चल रहा था, आज वहीं ‘राहत’ का मरहम लग गया। और सवाल ये है कि ये बदलाव सुधार है… या सिर्फ सत्ता का सॉफ्टवेयर अपडेट? एक तरफ सख्ती की कहानी, दूसरी तरफ सहानुभूति का नया नैरेटिव। बीच में फंसा आम आदमी… जो फाइलों में अटका है और सिस्टम की चाल देख रहा है। क्या हुआ: फैसला पलटते ही बदल गया खेल बिहार की सत्ता में नया चेहरा आते ही पुरानी सख्ती ध्वस्त हो गई। सम्राट चौधरी ने आते ही उस फैसले को पलट…
Read More₹63 से ज्यादा सामान पर टैक्स! क्या नेपाल ने लगा दी ‘आर्थिक दीवार’?
सीमा वही है… लेकिन अब सांस लेना भी महंगा हो गया है। रोटी-बेटी के रिश्तों वाली सरहद पर अब टैक्स का पहरा बैठ गया है। सवाल ये है — क्या नेपाल ने अपने ही लोगों के लिए रास्ते बंद कर दिए? नेपाल और भारत के बीच खुली सीमा अब “खुली” कम और “कंट्रोल्ड” ज्यादा लगने लगी है। ₹100 नेपाली (करीब ₹63 भारतीय) से ज्यादा सामान ले जाना अब टैक्स के जाल में फंस सकता है। ‘₹63 की दीवार’: नया नियम या पुरानी चाल? ये सिर्फ एक टैक्स नहीं… ये रोजमर्रा की…
Read Moreसीजफायर खत्म, बातचीत ठप! क्या अब Middle East में फिर गूंजेगा युद्ध?
सीजफायर खत्म होने वाला है… और दुनिया फिर से सांस रोककर खड़ी है। ये सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं… ये उस बारूद का ढेर है, जिस पर पूरी दुनिया बैठी है। सवाल ये नहीं कि जंग होगी या नहीं… सवाल ये है कि पहली गोली कौन चलाएगा? ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्तों का सीजफायर अब आखिरी सांसें गिन रहा है। और इस बार, बातचीत शुरू होने से पहले ही खत्म होती दिख रही है। बातचीत से पहले ब्रेकडाउन इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता अब औपचारिकता बन चुकी…
Read Moreतेल सस्ता, बाजार मस्त! बैंकिंग शेयरों ने मचाई धूम, निवेशकों की हुई चांदी
आज बाजार ने जैसे नींद से उठकर स्प्रिंट मार दी। BSE Sensex 600 अंकों की छलांग लगाकर 79,120 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty 50 24,531 के पार निकल गया। सबसे बड़ा संकेत आया India VIX से, जो करीब 6% गिरकर 17.71 पर आ गया। इसका मतलब साफ है कि बाजार में डर का धुंध छंट रहा है और भरोसे की धूप लौट रही है। तेल सस्ता, बाजार खुश कच्चे तेल की चाल इस वक्त बाजार की नब्ज है, और आज ये नब्ज स्थिर रही। Brent Crude $94-95 प्रति बैरल…
Read MoreApple की कमान किसके हाथ? जानिए जॉन टर्नस का पूरा गेम
जॉन टर्नस कोई अचानक उभरा हुआ नाम नहीं हैं, बल्कि Apple के अंदर ही दो दशकों से तैयार हुआ एक मजबूत चेहरा हैं। उन्होंने 2001 में कंपनी जॉइन की और धीरे-धीरे अपनी इंजीनियरिंग समझ और शांत नेतृत्व से सिस्टम के सबसे भरोसेमंद लोगों में शामिल हो गए। Mechanical Engineering बैकग्राउंड और University of Pennsylvania से पढ़ाई ने उन्हें टेक्नोलॉजी की गहराई समझने में बढ़त दी। Apple में सफर: पर्दे के पीछे का असली खिलाड़ी टर्नस का करियर Apple के विकास के साथ-साथ चला है। 2013 में उन्हें हार्डवेयर इंजीनियरिंग का…
Read Moreअहमद वाहिदी ईरान के असली शासक, नरमी इनको पसंद नहीं
जंग सिर्फ मैदान में नहीं लड़ी जाती… असली लड़ाई सत्ता के अंदर चलती है। और ईरान में अभी वही हो रहा है।एक चेहरा गिरता है… दूसरा अचानक उभर आता है। ईरान की सत्ता में जो बदलाव दिख रहा है, वो सिर्फ नेतृत्व का नहीं… पूरी रणनीति का संकेत है। नेतृत्व संकट: कौन चला रहा है ईरान? यहां तस्वीर साफ नहीं… बल्कि धुंधली है। अली खामेनेई के बाद सत्ता कई हाथों में बंटी हुई नजर आई। फिर मोजतबा खामेनेई सामने आए, लेकिन जंग के दौरान उनके घायल होने की खबरों ने लीडरशिप को और…
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